पुरुषों के परजीवी होने का खामियाजा उठाती महिलाएं
हाल ही में अमेरिका से एक खबर सामने आई कि जीवनसाथी की तलाश में अमेरिकी पुरुष अब एशियाई और दक्षिण अमेरिकी देशों की ओर रुख कर रहे हैं, क्योंकि इन देशों में उन्हें ज्यादा ‘पारंपरिक’ और ‘सेवा करने वाली’ जीवन साथी मिलती हैं. इप्सोस जैसे सर्वेक्षणों में सामने आया है कि करीब 31 प्रतिशत युवक मानते हैं कि उनकी पत्नी सेवाभावी होनी चाहिए, वे नहीं चाहते कि शादी के बाद वह अनावश्यक विवाद करे. दरअसल बेहतर शिक्षा और अच्छी कॉर्पोरेट नौकरियों के कारण महिलाओं में भी पुरुषों की तरह स्वतंत्र व्यक्तित्व का विकास होने लगा है और वे पुरुषों से दबकर नहीं रहना चाहतीं. हम मनुष्यों में कामचोरी की प्रवृत्ति कदाचित प्राचीन काल से ही रही है. मनुष्येतर जीवों से अधिक चालाक होने का फायदा हमने हमेशा अपनी सुख-सुविधाओं को बढ़ाने में ही उठाया है. आखिर जब दुनिया के सारे जीव-जंतु लगभग आत्मनिर्भर होकर अपना जीवन गुजारते हैं तो क्या हम मनुष्य भी दूसरों का शोषण किए बिना अपना काम नहीं चला सकते थे! लेकिन अपनी बौद्धिक श्रेष्ठता का दुरुपयोग हमने दूसरों का शोषण करने के लिए किया. जब तक हम ‘जंगली’ थे, तब तक तो कंदमूल-फल और शिकार के ...