आप ठगे सुख होत है...
धन चोरी करने, रिश्वत लेने वालों को जो मिलता है
मेहनत करते जो, कई गुना वे अधिक कमाया करते हैं
जो नकल किया करते वे पास भले ही हो जायें, लेकिन
मेरिट में तो पढ़ने वाले बच्चे ही आया करते हैं।
जो ठगते किसी और को, थोड़ी देर भले ही खुश हो लें
नुकसान उठाकर भी लेकिन, रह पाने में ईमानदार
जो सुख मिलता है अतुलनीय मन ही मन में
बेईमानी करने वाले महसूस नहीं कर सकते हैं।
हम तुच्छ लाभ की खातिर नीचे गिरते हैं
क्षमता थी लेकिन उठने की जितनी ऊपर
हम उसे गंवाने की क्षति का अहसास कभी कर पाए तो
क्या माफ स्वयं को किसी तरह कर सकते हैं?
रचनाकाल : 21 जुलाई 2026
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