हम मानव, जग में सर्वश्रेष्ठ हैं; या फिर सबसे बदतर हैं ?
पिछले दिनों स्पेन के तटीय शहर सेउटा की तस्वीरें अखबारों में छपीं, जहां अफ्रीकी देश मोरक्को से करीब 60 हजार लोगों ने समुद्र में पांच किमी तक तैरकर घुसपेैठ की. इस दौरान समंदर में डूबने और भगदड़ में अनेक लोगों की मौत भी हो गई. बेहतर जीवन की तलाश में पलायन की यह घटना कोई अपवाद नहीं है बल्कि दुनियाभर में इस तरह के दृश्य देखने को मिल रहे हैं. अमेरिका में तो डोनाल्ड ट्रम्प के राष्ट्रपति चुनाव जीतने का एक बड़ा कारण ही यह था कि उन्होंने मैक्सिको से आने वाले घुसपैठियों को रोकने के लिए दो हजार मील लंबी सीमा पर दीवार बनवाने का वादा किया था. कई साल पहले समुद्र किनारे औंधे पड़े एलन कुर्दी नामक बच्चे के शव ने शरणार्थियों के संकट की भयावहता के बारे में पूरी दुनिया का ध्यान खींचा था. म्यांमार से भगाए गए रोहिंग्या शरण पाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र के अनुसार विश्व में मजबूरीवश विस्थापित होने वालों और आश्रय की तलाश में दर-दर भटकने वालों की संख्या 12.3 करोड़ से भी अधिक है. माना जाता है कि मनुष्य दुनिया का सबसे बुद्धिमान प्राणी है. लेकिन जिस प्रजाति के करोड़ों लोगों को आश्रय तक क...