हम सही काम भी बिना प्रलोभन मिले नहीं कर पाते हैं !
अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण पेट्रोलियम पदार्थों की किल्लत के बीच, डीजल बचाने के लिए महाराष्ट्र के परिवहन महामंडल (एसटी) ने एक अनूठी पहल शुरू की है. एसटी की ‘डीजल बचाओ, इनाम पाओ’ मुहिम के अंतर्गत प्रत्येक डिपो को हर दिन पांच लीटर डीजल बचाने का लक्ष्य दिया गया है. कम ईंधन खर्च करने वाले एसटी के ड्राइवरों को इनाम के रूप में विशेष प्रोत्साहन भत्ता देने की घोषणा की गई है और जो दिए गए लक्ष्य से ज्यादा ईंधन बचाएंगे उन्हें हर महीने विशेष पुरस्कार मिलेगा. देखा जाए तो हजारों लीटर डीजल रोज खर्च करने वाले डिपो के लिए रोज पांच लीटर डीजल बचाना कोई बड़ी बात नहीं है, न ही इस बचत से कोई बहुत बड़ा फर्क पड़ने वाला है. लेकिन इनाम के लालच में ही सही, ड्राइवर इससे मितव्ययी बनने की जो कोशिश करेंगे, उससे परिवहन महामंडल को तो जो फायदा होगा वह होगा ही, किफायतशारी की आदत पड़ने से ड्राइवरों को अपनी निजी जिंदगी में कई गुना ज्यादा फायदा होगा. दरअसल अपने घर में तो हम एक-एक पैसा बचाने की कोशिश करते हैं, लेकिन घर के बाहर निकलते ही अपने कार्यस्थल पर सरकारी या निजी कंपनियों द्वारा प्रदान की जाने वाली सुव...