Posts

मरने का तुक

अंत में राम जब सरयूजी में उतरे होंगे जैसे सीताजी समाई थीं धरा के भीतर राम भी जल में अतल लीन हुए जब होंगे जब हिमालय में बिना पीछे मुड़े, देखे बिना पाण्डवों ने सभी स्वेच्छा से तजा होगा तन व्याघ्र ने कृष्ण के जीवन का किया होगा अंत आजकल मन में मेरे दृश्य वही आते हैं। यूं तो लेते ही जनम मृत्यु भी तय होती है लोग कुछ उसको भी उत्सव की तरह लेते हैं किंतु जो हिस्से में आई है समय में मेरे युद्ध में खत्म ये दुनिया जो हुई जाती है अंत शालीन नहीं क्या जरा हो सकता था इतने कायर तो नहीं थे कि डरें मरने से किंतु मरने का कोई तुक भी तो हो सकता था! रचनाकाल : 27 मार्च 2026

हम जिन्हें मानते हैं असभ्य या सभ्य, हकीकत कहीं उलट तो नहीं !

Image
 हाल ही में एक रिसर्च सामने आई कि चींटियां आपरेशन और इलाज करना जानती हैं. चोट से संक्रमण न फैले, इसलिए अफ्रीका की कैम्पोनोटस और मैकुलेटम चींटियां अपनी घायल साथियों का पैर काटकर उनकी जान बचाती हैं. जर्मनी की बुर्जबर्ग यूनिवर्सिटी के एरिक फ्रैंक ने अपने शोध में पाया कि मेगापोनेरा एनालिस चींटियां घायल साथियों के घाव पर एक विशेष प्रकार का तरल पदार्थ लगाती हैं, जिससे उनके जीवित रहने की संभावना 30 से बढ़कर 80 प्रतिशत हो जाती है. अध्ययन से पता चला कि चींटियों का यह व्यवहार जन्मजात होता है, जो जटिल मेडिकल सिस्टम जैसा है.  कुत्ते-बिल्लियों को हम कभी-कभी घास खाते देखते हैं और बहुत से लोगों को पता होगा कि वे अपने पाचन तंत्र को दुरुस्त करने के लिए ऐसा करते हैं. अफ्रीकी हाथी गठिया के दर्द को कम करने के लिए एक विशेष पेड़ की छाल चबाते हैं. चींटी और दीमक की कई प्रजातियां संक्रमण फैलने पर संक्रमित साथी को झुंड से अलग कर देती हैं. कई जानवर बीमार पड़ने पर खाना छोड़ देते हैं और तब तक आराम करते हैं जब तक वे स्वस्थ न हो जाएं. हम मनुष्य लेकिन क्यों नहीं जान पाते कि हमारे शरीर के भीतर क्या चल रहा है?...

बड़ी बुराई के आगे छोटी भी अच्छी लगने लगती है!

Image
शर्माजी एक आम आदमी हैं. पिछले दिनों उनके स्मार्टफोन में व्हाट्‌सएप्प पर वेडिंग कार्ड का एक लिंक आया. चूंकि मैसेज किसी परिचित का था, इसलिए यह जानने की जिज्ञासा में उन्होंने लिंक पर क्लिक किया कि किसकी शादी  है. लेकिन क्लिक करते ही मोबाइल हैक हो गया. दूसरे फोन से उन्होंने तत्काल अपने परिचित से पूछताछ की तो पता चला कि उन्होंने तो ऐसा कोई लिंक भेजा ही नहीं! दरअसल हैकरों ने उक्त परिचित के फोन को ऐसा ही वेडिंग कार्ड भेजकर हैक कर लिया था और उनकी कांटैक्ट लिस्ट में दर्ज सारे नंबरों पर वह वेडिंग कार्ड रूपी मालवेयर भेज दिया था. आनन-फानन में शर्माजी ने अपने स्मार्टफोन को फैक्टरी रिसेट किया और धोखाधड़ी का शिकार होने से बचे.  दूसरी घटना में एक बार किसी ने उनको फोन करके बड़े प्यार से पूछा कि कैसे हो भाई साहब! मुझे पहचाना? उन्होंने जब इंकार किया तो वह कहने लगा कि क्या भाई, मुझे नहीं पहचान रहे! आप कोशिश तो करो. अब शर्माजी हैरान! अटकलें लगाते हुए उन्होंने एक परिचित का नाम लिया तो उस बंदे ने तपाक से कहा कि अरे हां वही तो हूं मैं! दरअसल मेरा यूपीआई काम नहीं कर रहा है, इसलिए अभी आपको कोई साढ़े अठ...

जंगली बनता आदमी

मुझको डर तो दु:खों का नहीं था कभी आपदाओं की खातिर भी तैयार था चाहे जितना भी बन जाए जीवन कठिन सबको स्वेच्छा से सह लेना स्वीकार था किंतु जीना अधम इतना इंसान बन मुझसे हो ही नहीं पा रहा है सहन हो अगर कोई ईश्वर तो है बस यही प्रार्थना या तो सद्‌भाव से हम मनुष्यों को जीने का वरदान दो अन्यथा खत्म दुनिया से हमको करो जंगली जानवर पेट भर जाए तो मारते फिर नहीं आदमी जंगली किंतु बन जाए तो खत्म दुनिया ही ये हो न जाए कहीं! (रचनाकाल : 14 मार्च 2026)

पुल बनने की ख्वाहिश

मैं अक्सर पुल बनने की कोशिश करता हूं कुछ लोग बहुत आगे हो जाते कुछ पीछे रह जाते हैं तो मैं दोनों के बीच, राह पर चलता हूं। यह सच है आगे-पीछे जो भी हैं समूह में अपने-अपने चलते हैं मैं दोनों को जोड़े रखने के चक्कर में निपट अकेला ही अक्सर रह जाता हूं पर मुझे पता है टूट गया संबंध अगर तो दुनिया यह दो हिस्सों में बंट जायेगी दोनों ही एक-दूसरे के जानी दुश्मन बन जायेंगे मिलकर दोनों कर सकते हैं अद्‌भुत विकास पर अलग-अलग हो लड़-भिड़कर मर जायेंगे इसलिये क्षीण ही सही मगर संबंध बीच दोनों के कायम रखता हूं मैं नहीं तोड़ने में रखता विश्वास जोड़ना मुझको अच्छा लगता है। (रचनाकाल : 26-27 फरवरी 2026)

हम ‘पर उपदेश कुशल बहुतेरे’ बनकर खुद को धोखा देते रहते हैं !

Image
बच्चों में स्मार्टफोन की बढ़ती लत देश ही नहीं, पूरी दुनिया में चिंता का विषय है. यह न सिर्फ बच्चों की आंखें कमजोर कर रहा है, मोटापा बढ़ा रहा है और आलसी बना रहा है बल्कि इसके जरिये उपलब्ध सामग्री भी इतनी हानिकारक है कि ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, इंडोनेशिया जैसे देशों ने सोलह साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है और फ्रांस, पुर्तगाल जैसे नौ देश इस पर बैन लगाने की योजना बना रहे हैं. हमारे देश में भी कर्नाटक और आंध्रप्रदेश ने बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्रतिबंधित कर दिया है तथा गोवा, महाराष्ट्र और बिहार भी ऐसा करने के बारे में सोच रहे हैं. इसके बावजूद मोबाइल के बच्चों पर दुष्प्रभाव की खबरें थमने का नाम नहीं ले रही हैं, जो दर्शाती हैं कि बच्चों के स्क्रीन टाइम में कमी नहीं आ रही है और मैदानी खेल के बजाय वे मोबाइल से ही चिपके रहते हैं. हालत इतनी खराब है कि दुनिया में जितने बच्चे कुपोषित हैं, उससे ज्यादा मोटापे का शिकार हैं. हमारे देश में तो एक रिपोर्ट के अनुसार तीन में से सिर्फ एक बच्चा ही बिना हांफे दौड़ पाता है.  ऐसे समय में पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले...

असली जीत

जब गाली कोई देता है बदले में चुप रह जाता हूं तब कायर मुझको लोग समझने लगते हैं। पर मुझे पता है गाली मैं भी दे दूंगा तो जीत सामने वाले की हो जायेगी मैं भी उसके जैसा ही कीचड़ में लथपथ हो जाऊंगा इसलिये कभी जब कोई गुस्सा होता है मैं बदले में देकर मीठी मुस्कान आग में पानी डाला करता हूं जो अपने गुस्से की ज्वाला में मुझे जलाने वाला था वह आग बुझाते ही मेरे शर्मिंदा होने लगता है। धुलने लगता जब मैल साफ-सुथरा वह होने लगता है तब मुझको अपनी जीत दिखाई पड़ती है।   (रचनाकाल : 7-8 मार्च 2026)