मशीनें सेवक अच्छी होती हैं, पर मालिक निर्मम बनती हैं
पिछले दिनों एक खबर सामने आई कि नगालैंड के युवा किसान स्वयीवेजो डजुडो ने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सामग्री के उपयोग से एक कम लागत वाला ‘सोलर ड्रायर’ बनाया है, जो किसानों की सब्जियों को पारंपरिक तरीकों की तुलना में 30 प्रतिशत तेजी से सुखाता है. उन किसानों के लिए, जिन्हें सीजन में बम्पर पैदावार होने पर अपनी सब्जियां माटी मोल बेचनी पड़ती हैं या फेंकनी पड़ती हैं, निश्चय ही इस खबर से राहत मिली होगी, क्योंकि वे फेंकने के बजाय सुखाकर अपनी सब्जियों का जीवनकाल बढ़ा सकेंगे और उनकी यथेष्ट कीमत पा सकेंगे. जब दुनिया में सिलाई मशीन का आविष्कार हुआ था या साइकिल ईजाद हुई थी तो इसे बहुत बड़ी क्रांति माना गया था. मनुष्य बल से चलने वाली इन दोनों मशीनों ने एक झटके में ही मानव श्रम को कई गुना बचाने में मदद की थी. जो दूरी पैदल तय करने में एक घंटे लगते, साइकिल से उसे बीस मिनट में ही तय किया जा सकता था. जो कपड़ा हाथ से सिलने में एक घंटा लगता, उसे सिलाई मशीन दस मिनट में ही सिल सकती थी. तब से लेकर अब तक तकनीकी विकास जमीन से आसमान पर पहुंच गया है, लेकिन दुर्भाग्य से मानव श्रम से चलने वाली मशीनों का ...