निर्भयता के अभाव में कायरों की आक्रामकता से तबाह होती दुनिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पिछले दिनों एक हैरान कर देने वाला खुलासा किया. ट्रम्प ने बताया कि नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान तुर्की की राजधानी अंकारा से निकलते समय वे मीडिया के सामने दिखाने के लिए अपने आधिकारिक विमान एयरफोर्स वन में चढ़े जरूर थे लेकिन अंदर जाकर वे पीछे के रास्ते से उतरकर एक एयरपोर्ट कैटरिंग कंटेनर में छिप गए और गुप्त रूप से एक सैन्य जेट से बाहर निकल गए थे. एयरफोर्स वन में सवार मीडियाकर्मियों को इसकी भनक तक नहीं लगी, क्योंकि ट्रम्प के उनके साथ होने का आभास देने के लिए विदेश मंत्री और ट्रेजरी सचिव समेत शीर्ष अधिकारी उनकी नजरों के सामने ही थे. जाहिर है कि इतनी गहरी गोपनीयता के चलते ईरानियों को तो इसकी हवा भी नहीं लगी होगी और उन्होंने यही समझा होगा कि ट्रम्प एयरफोर्स वन में ही सवार हैं. फिर उन्होंने हमला क्यों नहीं किया? तो क्या हमले की जिस खुफिया सूचना को इतना पुख्ता माना जा रहा था कि उसके चलते ट्रम्प को एक कंटेनर में छिपकर भागना पड़ा, वह झूठी थी? 22 साल पहले, सामूहिक विनाश के रासायनिक, जैविक या परमाणु हथियार बना लेने की जिस खुफिया जानकारी का दावा करते हुए...