खजाना भरने के लिए नैतिकता को ताक पर रखना कितना उचित ?
कैंसर से जूझते एक पिता की अपने मासूम बेटे से अंतिम बातचीत का मार्मिक वीडियो हाल ही में वायरल हुआ. वीडियो में पिता कह रहे थे, ‘अगर मैं कहीं चला जाऊं तो मम्मी जो कहे वो मान लेना. मत पूछना कि पापा कहां हैं, अपनी दोनों बहनों का ख्याल रखना...जब भी तुम्हें मेरी याद आए, मैं तुम्हारे आसपास ही रहूंगा...’ उस आदमी को कौन सा कैंसर था, यह तो पता नहीं लेकिन एक यूजर की प्रतिक्रिया थी, ‘कम से कम तंबाकू और शराब का इस्तेमाल तो ज्यादा मत करो. हम जितना हो सके इनसे बचने की कोशिश कर सकते हैं, बाकी तो किस्मत और भगवान की मर्जी है.’ एक दूसरे यूजर का कहना था, ‘किसी भी बेटे या पिता को ऐसी स्थिति नहीं देखनी चाहिए. यह बहुत दुखद है.’ दो माह पहले एक मासूम बच्ची का भी वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह बेहद उदास मुद्रा में खड़ी, अपने पापा की तस्वीर को देखते हुए कहती है, ‘मम्मी आपको मना करती थी ना कि दारू मत पिया करो, फिर आपने क्यों पी? देखो, आज सबके पापा हैं, लेकिन आप दारू पीकर मर गए...’ उस वीडियो ने भी देखने वालों को भावुक कर दिया था. उधर बिहार में शराबबंदी खत्म करने की सिफारिश से संबंधित समाचार हाल ही में अख...