नफरत बनाम प्रेम
जब प्रेम किसी से करते हम तो सबसे अच्छा रूप दिखाई पड़ता है नफरत में लेकिन विकृत रूप में दिखते हैं मुझको डर सबसे अधिक घृणा से लगता है इसलिये प्रेम मैं सब लोगों से करता हूं सबका सर्वोत्तम रूप सामने आ पाए हरसंभव कोशिश यही, हमेशा करता हूं । सब सहमत ही हों मुझसे, नहीं जरूरी यह दुश्मनी भी अगर चाहें तो कर सकते हैं पर घृणा करें, मुझसे यह सहन नहीं होता नफरत में जीने से तो मरना बेहतर है है मजा दुश्मनी करने में तो असली तब हम अगर कभी मर भी जायें तो सबसे ज्यादा दु:खी हमारा दुश्मन हो! रचनाकाल : 19 जून-3 जुलाई 2026