मृग-मरीचिका

क्यों अक्सर ऐसा होता है
जो पास हमारे होता है
वह उतना खास नहीं लगता
जितना महसूस चले जाने पर होता है!

जब नहीं अधिक सुविधाएं थीं
तो कष्ट-असुविधा भरी जिंदगी लगती थी
पर सुविधा बढ़ जाने पर भी
क्यों समय सुहाना वही पुराना लगता है!

कट जाय उम्र सुख-सुविधा में
हम यही कामना करते हैं
संघर्षहीन जीवन का फिर क्यों
अंत निरर्थक लगता है!
hemdhar.blogspot.com
रचनाकाल : 3-12 सितंबर 2026

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