अलविदा

सूर्योदय में ही सिर्फ नहीं होता सौंदर्य
डूबते सूरज की लालिमा की भी
अपनी गरिमा होती है
सिर्फ जन्म लेने की ही
नहीं मनाई जातीं खुशियां
आयु पूर्ण कर मरने वालों को भी
धूमधाम से किया जाता है विदा।

परिवर्तन ही नियम है सृष्टि का
पुराना जाता है, तभी नया आता है
किन्तु नया ही जब चला जाये
तो कौन ले सकता है उसका स्थान?
बहुत त्रासद होता है असमय जाना
बहुत कठिन होता है किसी को
बीच राह में ही कहना, अलविदा!!!
hemdhar.blogspot.com
रचनाकाल : 5 जून 2026

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