कठिन लड़ाई

मैंने देखा नहीं राज अंग्रेज का 
उनके किस्से सुने हैं मगर जुल्म के 
आज कोई फिरंगी नहीं देश में 
हम हैं आजाद, अपना ही अब राज है

किन्तु शासक तो वैसे ही आते नजर 
क्रूरता में तो दिखती नहीं है कमी
नाम हों सब दलों के भले ही अलग 
सब का शासन का ढंग तो मगर एक है!

शत्रु बलवान कितना ही बाहर का हो 
उससे लड़ना नहीं होता इतना कठिन 
किन्तु अपने ही बन जाएं दुश्मन अगर 
कौन भीतर की अपने लड़ाई लड़े!

रचनाकाल : 15 अगस्त 2026 

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