उन्नति क्या इसको कहते हैं?

अनुभव से जब सीखा करता चीज नई
खुश होता हूं, पर पछतावा भी होता है
पहले ही सीख लिया होता
तो इतने दिन इस सुविधा से
वंचित न रहा आया होता!

पर याद आता प्राचीनकाल
जब छोटी-छोटी चीज सीखने में भी
कितनी ही सदियां लग जाती थीं
जो आग सुलभ है आज जरा सी तीली में
क्या नहीं हजारों साल लगे थे उस पर काबू पाने में!
पहिये ने की आसान जिंदगी बहुत, मगर
होने में उसे परिष्कृत जाने कितनी सदी लगी होगी!

हम आज बहुत ही विकसित हैं
पर इसकी खातिर कर्जदार पुरखों के हैं
जैसे दूने से चार गुना, फिर आठ गुना हो जाता है
उन्नति भी हम इस तरह गुणात्मक करते हैं
जब संख्या छोटी होती है
तब नहीं गुणनफल उसका ज्यादा होता है
पुरखों ने किया विकास शून्य के पहले से
इसलिये हजारों साल लगे उनको जीरो तक आने में
हमको इतनी समृद्ध विरासत मिली
कि द्विगुणित कुछ वर्षों में ही सबकुछ हो जाता है
जीवन आसान निरंतर होता जाता है।

संघर्षों में लेकिन जो बीता करता था
कैसे हम अब वह समय बिताया करते हैं!
क्या सुविधाभोगी जीवन बन जाने को ही
सचमुच में उन्नति कहते हैं?

रचनाकाल : 15-18 जनवरी 2026

Comments

  1. ऐसा कुछ हम सभी महसूस करते हैं | अच्छी रचना

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  2. हार्दिक धन्यवाद मैडम

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