करत-करत अभ्यास...

मैं वैसे तो कोशिश हरदम
अच्छाई के पथ पर चलने की करता हूं
पर अभिनय करता आदर्शों का
कभी किसी नाटक में तो
नीचे गिरने की बात सोच कर डरता हूं।

मैं डींग हांकता हूं वैसे तो नहीं कभी
पर अपने गुण जब बढ़ा-चढ़ाकर
कभी किसी से कहता हूं
तो वैसा ही फिर बन पाने की कोशिश भी
जी-जान लगाकर करता हूं।

अनुकूल समय में वैसे तो
अनुशासित ही मैं रहता हूं
प्रतिकूल समय में बिखर न जाऊं इस खातिर
कुछ नियम-कायदों में खुद को
मैं सदा बांध कर रखता हूं।
hemdhar.blogspot.com
रचनाकाल : 18-20 फरवरी 2026

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