सरलता के फायदे

मैं पहले टेढ़ी बातें जल्दी
समझ ही नहीं पाता था
जब लोग व्यंग्य करते उसको
सचमुच तारीफ समझता था।
क्षमता लेकिन जबसे पाई
यह समझ सकूं है कौन कुटिल
मैं भी न सरल पहले जैसा रह सका
कुटिलता लगी समाने मुझमें भी!
इसलिये सरल बनने की ही
अब फिर से कोशिश करता हूं
टेढ़ी बातों का सहकर भी आघात
सरल-सीधा जवाब ही देता हूं
टेढ़ों की टेढ़े ही जानें
मैं तो अपनी दुनिया में ही खुश रहता हूं।


रचनाकाल : 22 जनवरी 2026




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