इन दिनों दुनियाभर में उथल-पुथल मची है. कहीं युद्ध हो रहे हैं तो कहीं गृहयुद्ध जैसे हालात हैं. नियम-कायदों की इस तरह धज्जियां उड़ाई जा रही हैं कि लगता है हम फिर से तो जंगलराज की ओर तो नहीं लौट रहे? यूक्रेन में रूसी हमले का विरोध करने और ताइवान पर आक्रमण के खिलाफ चीन को चेतावनी देने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दुनिया की सबसे बड़ी गुंडागर्दी दिखाते हुए वेनेजुएला के राष्ट्रपति का सपत्नीक अपहरण कर लिया. दिक्कत यह है कि बड़े गुंडों का ही अनुकरण छोटे गुंडे भी करते हैं, इसलिए कहीं ऐसा न हो कि दुनिया में अपहरण को अवैध मानना बंद कर दिया जाए और यह एक उद्योग का रूप धारण कर ले! इसके लिए जरूरी अर्हता भी सिर्फ अपहरणकर्ता का ताकतवर होना होगी, अर्थात जिसकी लाठी उसकी भैंस! और ऐसा भी नहीं कि इससे अपहर्ता की सामाजिक प्रतिष्ठा में कमी आएगी, आखिर ट्रम्प को भी तो बहुत से लोग अपना आदर्श मानते ही हैं और वेनेजुएला की नोबल विजेता विपक्षी नेता मारिया मचाडो ने तो अपना नोबल मेडल तक ट्रम्प को सौंप दिया (यह बात अलग है कि नोबल समिति ने कहा है कि नोबल पुरस्कार की घोषणा के बाद उसे रद्द, शेयर या ट्रांस...